टेराहर्ट्ज़ से मेगाहर्ट्ज़: स्कैनर के भीतर की भाषा
यह रूपांतरण क्या करता है
यह दस लाख से गुणा करता है और इमेजिंग प्रणाली की काम वाली आवृत्ति को मेगाहर्ट्ज़ में लिख देता है, जहाँ इसके इलेक्ट्रॉनिक अवयव तय किए जाते हैं। एक स्कैनर जिसे 0.3 THz पर चलना है, उसका पूरा इलेक्ट्रॉनिक हिस्सा 300,000 MHz के आसपास बना होता है — क्योंकि स्रोत, मिक्सर और डिटेक्टर की स्पेसिफ़िकेशन उसी इकाई में लिखी जाती है।
कपड़ों के आर-पार, बिना नुक़सान
इस दायरे की तरंगें बहुत सारे कपड़े, काग़ज़ और प्लास्टिक के आर-पार निकल जाती हैं, पर उनकी ऊर्जा इतनी कम है कि वे रासायनिक बंधन नहीं तोड़तीं — यही बात उन्हें एक्स-रे से अलग करती है। इसीलिए यह इमेजिंग उन जगहों पर सोची जाती है जहाँ जीवित ऊतक के पास काम करना हो, और इसीलिए इसकी सुरक्षा-सीमाएँ आयनकारी विकिरण की तरह सतर्कता माँगती नहीं। व्यावहारिक अड़चन ऊर्जा नहीं, बल्कि जलवाष्प का अवशोषण है।
टेराहर्ट्ज़ को मेगाहर्ट्ज़ में बदलने की तालिका
इमेजिंग और सुरक्षा प्रणालियों की आवृत्तियाँ दोनों इकाइयों में, साथ में उनके इलेक्ट्रॉनिक हिस्से की सीमाएँ भी।
| टेराहर्ट्ज़ (THz) | मेगाहर्ट्ज़ (MHz) |
|---|---|
| 1 | 1000000 |
| 2 | 2000000 |
| 10 | 10000000 |
| 100 | 100000000 |
| 300 | 300000000 |
| 1000 | 1000000000 |
हवा में पानी ही असली दुश्मन है
जल के अणु इस दायरे में ज़ोर से सोखते हैं, इसलिए टेराहर्ट्ज़ तरंगें नम हवा में कुछ मीटर से आगे नहीं जातीं और बारिश में तो बहुत कम। यही वजह है कि इन प्रणालियों की उपयोगी दूरी छोटी होती है और वे जाँच-चौकी या प्रयोगशाला जैसी नियंत्रित जगहों पर ही रहती हैं, खुले आसमान के संचार में नहीं। सूखी और ठंडी हवा में वही प्रणाली कहीं आगे तक काम करती है।
दस लाख, तीन स्थान
टेराहर्ट्ज़ से मेगाहर्ट्ज़ तक दशमलव बिंदु छह स्थान दाईं ओर जाता है और गुणक दस लाख बनता है, यानी उपसर्ग की सीढ़ी के दो कदम। 0.3 का मान 300,000 बनता है, और अगर जवाब लंबा लगे तो वह लंबा ही होना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
टेराहर्ट्ज़ को मेगाहर्ट्ज़ में कैसे बदलें?
दस लाख से गुणा कीजिए। इसलिए 0.3 THz यानी 300,000 MHz, और 1 THz यानी 1,000,000 MHz। यह दो उपसर्ग-कदमों के बराबर है, मेगाहर्ट्ज़ से शुरू करके गीगाहर्ट्ज़ के पार।
टेराहर्ट्ज़ को मेगाहर्ट्ज़ से जोड़ने वाला गुणक क्या है?
दस लाख का। मेगाहर्ट्ज़ से टेराहर्ट्ज़ तक गीगाहर्ट्ज़ सहित दो पायदान हैं और हर पायदान हज़ार का गुणक है, इसलिए गुणक हज़ार का वर्ग बनकर दस लाख रह जाता है।
क्या टेराहर्ट्ज़ तरंगें एक्स-रे की तरह नुक़सान करती हैं?
नहीं। एक्स-रे में फ़ोटॉन की ऊर्जा रासायनिक बंधन तोड़ने लायक होती है, जबकि इस दायरे के फ़ोटॉन उससे कई कोटि कमज़ोर हैं, इसलिए वे ऊतक में आयन बनाने में असमर्थ हैं। यही बात इन्हें जीवित ऊतक के पास इस्तेमाल लायक बनाती है।
फिर ये प्रणालियाँ हर जगह क्यों नहीं दिखतीं?
क्योंकि जलवाष्प उन्हें सोख लेती है, इसलिए उपयोगी दूरी कुछ मीटर तक सीमित रहती है और वह भी सूखी हवा में; साथ ही इस दायरे के स्रोत और संसूचक आज भी महँगे और दुर्लभ हैं।
क्या कन्वर्टर दशमलव वाले आंकड़े भी बदलता है?
हाँ। 0.3 या 2.5 जैसे मान ठीक-ठीक बदलते हैं और भिन्नात्मक हिस्सा जस का तस रहता है, इसलिए गोलाई से कोई अंक नहीं खोता और नतीजा इनपुट की पूरी परिशुद्धता बनाए रखता है।